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शार्ट स्टोरी लेखन चेलैन्ज भाग 2 जैसे को तैसा

          शिप्रा की शादी को अभी दो यहीने भी नही हूए थे कि उसकी सास ने ताने मारने शुरू कर दिए। वह उसे दिन में कितने बार दहेज के लिए प्रताडि़त करती थी।


            शिप्रा की सास का नाम तो शान्ति था परन्तु वह घर में जब तक अशान्ति पैदानही कर देती उसे खाना पचता नहीं था। शान्ति की आवाज भी बहुत तेज थी। पडौ़स के लोग भी उसकी आदत से बहुत परेशान रहते थे।

     एक दिन शिप्रा के घर में कुछ मेहमान आगये। शिप्रा उनके लिए खाना बनाने हेतु सुबह से रसोई में लगी थी । उसने खाने में बहुत ही स्वादिस्ट भोजन पकाया परन्तु उसकी सास शान्ति को तो कोई न कोई कमी निकालनी होती थी।

      शिप्रा ने खाना परोस दिया। शान्ति ने बिना चखे ही उसमे कमियां निकालना शुरू करदी। 

 शान्ति के घर आई मेहमान ही बोलने लगी ," आप कैसी बात कर रही हो ?"

शान्ति उनकी बात काटती हुई बीच मे बोलने लगी,"  बहिनजी मुझै तो बहुत ही मूरख बहू मिलगयी है इसके माँ बाप ने इसे कुछ नही सिखाया है। जैसा बना है खालो।"

 मेहमान बोली," देख शान्ति बहू के खाने मे कोई कमी नही है तेरे दिमाग में कमी है उसे ठीक करले सब ठीक होजायेगा।

         इसके बाद तो उसने बहू को और अधिक परेशान करना शुरू कर दिया। शिप्रा अपनी माँ की तबियत का बहाना बनाकर अपने मायकेलीगयी और उसके बाद वह लौटकर नहीं आई।

        जब यहबात शिप्रा की ननद को मालूम हुई तब वह अपने पतिके साथ मिलकर प्रोग्राम बनाकर अपने मायके आगयी और अपनी माँ से बोली " " मुझे मेरी ससुराल वालौ ने दहेज कम देने का बहाना करके मुझे घर से निकाल दिया है।"

    शान्ति देवी यह सुनकर आग बबूला होगयी और बोली," उनकी ये मजाल कि मेरी बेटी को दहेज के कारण घर से निकाल दिया है मैने तो कितना दहेज दिया था।"

    तब शान्ति देवी की बेटी बोली," मम्मी  भाभी के घर वालौ ने भी तो कितना दहेज दिया था परन्तु आपके कारण वह भी तो अपने मायके चलीगयी। इसी तरह सबको दहेज कितना ही देदो कम ही नजर आता है।"

    यह सुनकर उनकी आँखै खुल गयी और उसीदिन बेटे को भेजकर माँफी मागकर शिप्रा को वापिस बुलबाया। 

    जब तक जैसे को तैसा नही मिलता  तबतक उसमें अक्ल नही आती है। यहीं शान्ती देवी के साथ हुआ।


     नरेश शर्मा
     25/ 04/२०२२
शार्ट स्टोरु लेखन चेलैन्ज भाग २
जानर
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13 Comments

Naresh Sharma "Pachauri"

27-Apr-2022 10:12 AM

सभी साथियौ को बहुत बहुत धन्यवादजी

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Sandhya Prakash

26-Apr-2022 10:10 PM

Bahut achchi khani h

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